नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में रिकॉर्ड तो हर रोज बनते और टूटते हैं, लेकिन कुछ उपलब्धियां ऐसी होती हैं जिन्हें वक्त की धूल भी नहीं धुंधला पाती. सोचिए, एक ऐसा बल्लेबाज जो बिना हेलमेट के दुनिया के सबसे खूंखार तेज गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाता था, आज उसकी धमक सिर्फ क्रिकेट के मैदान तक सीमित नहीं है भारत के महान ओपनर सुनील ‘सन्नी’ गावस्कर ने एक ऐसा ‘पंच’ लगाया है जिसे दुनिया देखती रह गई.
मैदान पर उनकी बल्लेबाजी का लोहा तो सब मानते थे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गावस्कर दुनिया के इकलौते ऐसे क्रिकेटर हैं जिनके नाम पर दुनिया के पांच अलग-अलग देशों में सड़कें या स्टेडियम के स्टैंड्स समर्पित हैं? जी हां, न्यूज़ीलैंड की ठंडी हवाओं से लेकर इंग्लैंड के ऐतिहासिक मैदानों तक, गावस्कर का नाम आज भी शान से चमक रहा है.
अमेरिका (फ्लोरिडा): ‘सुनील गावस्कर वे’
हैरानी की बात है कि जिस अमेरिका में क्रिकेट अभी पैर पसार रहा है, वहां गावस्कर का जादू बरसों पहले पहुंच गया था. फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में एक सड़क का नाम ‘सुनील गावस्कर वे’ रखा गया है. यह इस बात का सबूत है कि ‘लिटिल मास्टर’ की लोकप्रियता सरहदों और खेल की समझ से कहीं ऊपर है.
तंजानिया (दार-एस-सलाम): गावस्कर रोड
अफ्रीकी महाद्वीप में भी गावस्कर का जलवा बरकरार है. तंजानिया की राजधानी दार-एस-सलाम में एक सड़क का नाम ‘सुनील गावस्कर रोड’ है. यह सम्मान उन्हें तब दिया गया जब उन्होंने क्रिकेट को एक वैश्विक पहचान दी. क्रिकेट के प्रति उनके योगदान ने सात समंदर पार भी भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया.
इंग्लैंड (लीसेस्टर): सुनील गावस्कर ग्राउंड
इंग्लैंड, जिसे क्रिकेट का मक्का कहा जाता है, वहां गावस्कर का नाम न हो ऐसा कैसे मुमकिन है? लीसेस्टर में एक पांच एकड़ के क्रिकेट ग्राउंड का नाम सुनील गावस्कर के नाम पर रखा गया है. इंग्लैंड की धरती पर किसी भारतीय क्रिकेटर के नाम पर मैदान होना यह दर्शाता है कि गावस्कर सिर्फ भारत के नहीं, बल्कि पूरे विश्व क्रिकेट के रत्न हैं.
न्यूज़ीलैंड: गावस्कर की धमक
न्यूज़ीलैंड में भी सुनील गावस्कर के सम्मान में उनके नाम को सड़कों और खेल परिसरों से जोड़ा गया है. कीवी टीम के खिलाफ उनकी तकनीकी बल्लेबाजी और धैर्य के कायल वहां के प्रशंसक आज भी हैं यही कारण है कि न्यूज़ीलैंड की धरती पर भी इस महान ओपनर का नाम पत्थरों पर उकेरा गया है.
भारत: अपने घर में सम्मान
भारत में तो गावस्कर एक भगवान की तरह पूजे जाते हैं. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम का एक स्टैंड उनके नाम पर है, और देश के कई हिस्सों में उनके नाम की धमक सुनाई देती है. भारत में उनके नाम पर सड़क होना गर्व की बात है, लेकिन इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना गावस्कर की असली जीत है.
सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बनकर जो सफर शुरू किया था, वह आज दुनिया की सड़कों पर मील के पत्थर बन चुका है। वेस्टइंडीज के खतरनाक ‘चौकड़ी’ गेंदबाजों को बिना डरे खेलने वाला यह छोटा कद का खिलाड़ी आज कद में पूरी दुनिया से बड़ा हो चुका है यह रिकॉर्ड सिर्फ एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि हर उस भारतीय का है जो सीना तान कर कह सकता है “दुनिया के किसी भी कोने में चले जाओ, हमारे सनी भाई का नाम वहां की गलियों में भी गूंजता है!


